जैव मंडल - UPSC ENVIROMENT

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Saturday, October 31, 2020

जैव मंडल

 

जैव मंडल तथा बायोम

पृथ्वी का वह भाग जहा जीवन पाया जाता है जैव मंडल कहलाता है इसमें (वायु मंडल , जल मंडल, स्थल मंडल) शामिल है

जैविक समुदाय(biotic community)

एक ही क्षेत्र में विभिन्न प्रजाति की संख्या एक साथ अरहती है तथा एक दुसरे से क्रिया करती है जैविक समुदाय कहलाती है

समुदाय अभिलक्षण

प्रजातीय संरचना

किसी समुदाय में वर्ष भर उपस्थित पोधो की कुल संख्या की गड़ना, हर एक की  दुसरे से भिन्न होती है

प्रभाविता


प्रतेक प्रजाति अन्य प्रजाति व् जैव भर क प्रभावित करती है जैसे स्थल पर बड़े पोधे होते है क्युकी पशुरचारण प्रभावित करती है  

1.    प्रजातीय विविधता

सभी पृथ्वी पर उपस्थित जीवो की शारीरिक संरचना में भिन्नता के कारण पाई जाने वाली विविधता है

संक्रमिका

दो या उससे अधिक विविध समुदायों के मध्य संक्रमण क्षेत्र जैसे -घास व् वन क्षेत्र के बीच का क्षेत्र

1.    प्रजातीय समयता

सभी पृथ्वी पर उपस्थित जीवो की शारीरिक संरचना में समानता के कारण पाई जाने वाली समानता है

2.    की स्टोन प्रजाति

वे प्रजातियां, जो किसी समुदाय मे प्रचुरता या जैवभार की अल्पता के उपरांत भी समुदाय के अभिलक्षणो को प्रभावित करती हैकी-स्टोन प्रजाति कहलाती है। जैसे भोजन के आभाव  में फल दुसरे जानवरों द्वारा खाए जाते है

अन्य प्रजातियाँ

1.       फाउंडेशन प्रजाति -अन्य प्रजाति के निर्माण बी संरक्षण में मुख्य भूमिका , जैसे कोरल , कोरल रीफ के निर्माण में

2.       अम्ब्रेला प्रजाति -वस्तृत परस वाली जिनपर अन्य प्रजाति निर्भर होती है , ये सामान्यता उच्च कशेरुकी व् विशाल काया वाली होती है जैसे northern spotted owl ,tiger,grijli bear .

3.       संकेतक प्रजाति - जो पर्यावरण के लिए बहुत संवेदन शील है ,तंत्र की हनी होने पर तुरंत प्रभावित होती है


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